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"ब्लैक फंगस" पर सीएम योगी हुए गंभीर, कोरोना से जारी जंग के बीच मांगी रिपोर्ट्स –दिए नए दिशानिर्देश





रिपोर्ट - आदेश शुक्ला


ये सच है कि कोरोना की दूसरी लहर से उत्तर प्रदेश को हिला कर रख दिया। चूंकि योगी सरकार पर लोगों का भरोसा गहरा था लेकिन जितनी बड़ी मार कोरोना की पड़ी उससे व्यवस्थाएं ना सिर्फ छोटी पड़ीं बल्कि जो थीं उनका उपयोग भी जिम्मेदार नहीं कर पाए। खुद मुख्यमंत्री कोरोनाग्रस्त हुए तो प्रदेश को जिम्मेदारों ने अनाथ की तरह छोड़ दिया।


कोरोना से जंग जीतने के बाद सीएम योगी उत्तर प्रदेश में किसी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच ही 'ब्लैक फंगस' नाम की बीमारी को भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, राज्य स्तर पर गठित स्वास्थ्य विशेषज्ञों की परामर्शदात्री समिति से इस पर विमर्श कर बीमारी से बचाव, इलाज और तैयारियों के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर कोविड प्रबंधन की समीक्षा बैठक में टीम-9 को विभिन्न दिशा-निर्देश दिए। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में 18,125 नए कोविड केस की पुष्टि हुई है, जबकि इसी अवधि में 26,712 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2,06,615 एक्टिव केस हैं, जो प्रदेश में संक्रमण के पीक 3.10 लाख से लगभग 1 लाख 4 हजार कम हैं। 30 अप्रैल से 11 मई के 11 दिनों में संक्रमण में आई यह कमी संतोषप्रद है। अब तक 13 लाख 40 हजार 251 प्रदेशवासियों ने कोविड को हराकर स्वस्थ हुए हैं।


बढ़ाए जाएंगे कम्युनिटी किचन


बीते 24 घंटो में चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न अस्पतालों में 115 बेड, वाराणसी में डीआरडीओ अस्पताल में आईसीयू के 250 और लखनऊ के हज हाउस स्थित एचएएल हॉस्पिटल में आईसीयू के 100 बेड की बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने आंशिक कोरोना कर्फ्यू को देखते हुए रेहड़ी, पटरी, ठेला व्यवसायी, निर्माण श्रमिक, पल्लेदार आदि के भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। ज्यादातर जिलों में कम्युनिटी किचन प्रारम्भ हो चुके हैं। इनकी संख्या और बढ़ाये जाने की जरूरत है।



तेजी से लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट


सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सहारनपुर में नए ऑक्सीजन प्लांट अगले दो दिन में चालू हो जाएंगे। चीनी विभाग द्वारा 75 जिलों में प्लांट स्थापना की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। कोविड के उपचार हेतु एयर सेपरेटर यूनिट, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना आदि के संबंध में सांसद/विधायक निधि से सहयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटों में 1014.53 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से संचालित 'पीएम केयर्स' के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की स्वीकृति मिल गई है।


कोविड टीकाकरण की दुरुस्त रहें व्यवस्थाएं


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया प्रदेश में सुचारु रूप से चल रही है। 45 वर्ष से अधिक और 18-44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड सुरक्षा कवर प्रदान करने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

अब तक 1,11,63,988 लोगों को पहली डोज और 29,35,607 लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज प्राप्त कर ली है। इस तरह 01 करोड़ 40 लाख 99 हजार 95 कोविड वैक्सीन एडमिनिस्टर हुए हैं। प्रदेश के 18 जिलों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के 2,16,897 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त कर लिया है, इनमें 49,744 लोग बीते 24 घंटों में वैक्सीनेट हुए हैं।


अंतिम संस्कार धार्मिक मान्यता के अनुरुप हो


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड के कारण होने वाली हर मृत्यु दुखद है। मृतकों के परिजनों के प्रति प्रदेश सरकार की संवेदनाएं हैं। अंत्येष्टि की क्रिया मृतक की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप ससम्मान किया जाए। अंत्येष्टि क्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। किसी भी मृतक की अंत्येष्टि के लिए जल प्रवाह की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल नहीं है। इस संबंध में धर्मगुरुओं से संवाद किया जाए, लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश


  • कुछ जिलों में अवैध शराब के सेवन से मृत्यु की घटनाएं हुई हैं। अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह समाप्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। प्रवर्तन की कार्यवाही मिशन मोड़ में हो।

  • 'सफाई, दवाई, कड़ाई, के मंत्र के अनुरूप प्रदेशव्यापी स्वच्छता, सैनीताइजेशन का अभियान चल रहा है। इसे और प्रभावी बनाया जाए। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

  • निराश्रित गौ आश्रय स्थलों में भूसा-चारा के पर्याप्त प्रबंध रखे जाएं। 500 से अधिक गौ वंश वाले गौ आश्रय स्थलों को गोबर गैस उत्पादन सहित ऊर्जा के नवीन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने की अवश्यक्ता है। वाराणसी में एक मॉडल खड़ा किया गया है, गोरखपुर में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

  • कोविड टेस्टिंग के प्रति उत्तर प्रदेश प्रारंभ से ही एग्रेसिव नीति अपनाए हुए है। देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है। अब तक 4 करोड़ 51 लाख टेस्ट किए गए हैं। प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाये जाने की कार्यवाही तेज की जाए।

  • प्रदेश का एक भी नागरिक कोविड टीका-कवर से वंचित न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किया जाना आवश्यक है। निरक्षर, दिव्यांग, निराश्रित अथवा अन्य जरूरतमंद लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर टीकाकरण पंजीयन की सुविधा प्रदान करना सुविधाजनक होगा।

  • वर्तमान में 1,52,725 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। इनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। चिकित्सकों की संख्या, फोन लाइन की संख्या में बढ़ोतरी की जरूरत है।


टीम स्टेट टुडे


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