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सीएम योगी ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन कर विकास कार्य की कर रहे समीक्षा


मिर्जापुर, 24 सितंबर 2022 : मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ नेशनिवार को मांविंध्यवासिनी के चरणोंमें शीश नवाया।विंध्य कारिडोर के निर्माणकार्य का जायजालिया। नक्शा केमाध्यम से इंजीनियरोंने उन्हे जानकारीदी, इस दौरानमुख्यमंत्री ने कार्यमें प्रगति लानेका निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आजदोपहर लगभग 2.20 बजेपुलिस लाइन पहुंचे।वहां सांसद अनुप्रियापटेल, विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र, डीएम दिव्या मित्तलने स्वागत किया।विंध्याचल पहुंचने के बादमां विंध्यवासनी काविधि विधान सेदर्शन-पूजन किया।इसके बाद न्यूवीआईपी रोड मेंकुछ दूर तकपैदल चलकर निरीक्षणकिया।

सुरक्षा की दृष्टिसे मुख्यमंत्री केगुजरने वाले मार्गपर पुलिस फोर्सतैनात किए गएथे। मुख्यमंत्री सुरक्षादल के लोगोंने गुरुवार सेही विंध्यधाम मेंडेरा डाल दियाथा। दर्शन पूजनके बाद करीबतीन बजे कारसे मंडलायुक्त सभागारके लिए रवानाहो गए। वहांजनप्रतिनिधियों व अधिकारियोंके साथ मंदिरपरिसर में होरहे निर्माण कार्यके संबंध मेंसमीक्षा बैठक करेंगे।

प्रोटोकाल के मुताबिकसाढ़े तीन बजेवह हेलीकाप्टर सेप्रयागराज के लिएरवाना हो जाएंगे।मुख्यमंत्री के भ्रमणके दृष्टिगत मांविंध्यधाम में जलरोधकपंडालों की व्यवस्था, सुरक्षा की दृष्टिसे कराए जारहे बैरिकेडिंग, न्यूवीआइपी, पुरानी वीआइपी मार्ग, कोतवाली मार्ग, पक्का घाटमार्ग समेत सभीइंतजाम किया गयाथा।

यहां जानिएविंध्य धाम केकितना हुआ परिवर्तन

योगी सरकारका ड्रीम प्रोजेक्टविंध्य धाम अबविकसित होने लगाहै। इसके साकारहोने से यहांधार्मिक पर्यटन को बढ़ावातो मिलेगा ही, लोगों को रोजगारके अवसर भीउपलब्ध होंगे। श्रद्धालुओं कीसभी सुख सुविधाओंको ध्यान मेंरखकर ही कारिडोरको आकार दियाजा रहा है।तीर्थ पर्यटन कोबढ़ावा देने केउद्देश्य से काशीविश्वनाथ की तर्जपर प्रदेश सरकारकी तरफ से 331 करोड़ रुपये की लागतसे इस परकार्य चल रहाहै।

नाली, पानी औरविद्युत व्यवस्था के लिएकोई दिक्कत नहो, ऐसे मेंइसको भी पूर्णरूप दिया जारहा है। कारिडोरनिर्माण के लिएभू-स्वामियों कोदो गुना मुआवजादेकर भूमि अधिग्रहणकिया गया है।भूमि रजिस्ट्री करानेके बाद ध्वस्तीकरणभी कर लियागया ताकि कार्यको गति मिलसके। एक अगस्त 2021 को गृह मंत्रीअमित शाह वमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने विंध्य कारिडोरका शिलान्यास करआधारशिला रखी थी।

527 संपत्तियां खरीदी गईं

जिला पर्यटनअधिकारी नवीन कुमारने बताया किविंध्य कारिडोर के लिएअब तक कुल 527 संपत्तियां खरीदी गई हैं, जिसका कुल 96 करोड़का मुआवजा भीलोगों को दियाजा चुका है।यह संपत्ति दोचरणों में क्रयकी गई हैं।सड़कों के निर्माणकार्य तीन चरणोंमें पूरा होगा।पहली किश्त केरूप में 15 करोड़रुपये जारी भीकर दिए गए।पहले चरण मेंन्यू वीआइपी सड़कका कार्य पूर्णहो चुका है।पुरानी वीआइपी का भीलगभग 65 प्रतिशत का कार्यभी पूरा होचुका है। इसकेसाथ ही नींवकी खुदाई काकार्य भी शुरूहो गया है।

130 पीलर बननेहैं, लगभग 100 बनकरतैयार

परिक्रमा पथ केलिए कुल 130 पीलरबनने हैं जिनमेंसे 100 पीलर बनालिए गए हैं।मंदिर की उत्तरकी तरफ पीलरबनकर तैयार होगए हैं। उसमेंनक्काशी पत्थरों को भीलगा दिया गयाहै। मंदिर केपूर्व तरफ भीसभी पीलर लगभगतैयार हो गएहैं। यहां भीपत्थरों को डालदिया गया है।पश्चिम की तरफअभी सरिया कोखड़ा किया गयाहै। फिलहाल नवरात्रमेले को लेकरअभी काम रोकदिया गया है।दक्षिण की तरफन्यू वीआइपी कीतरफ पीलर खड़ेहुए हैं, अभीकार्य पूर्ण करनाशेष है।

गुलाबी पत्थरों सेबढ़ रही चमक

विंध्य कारिडोर मेंअहरौरा के गुलाबीपत्थरों का इस्तेमालकिया जा रहाहै। जयपुर (राजस्थान) के कुशल कारीगरइन पत्थरों कोतराशने का कामकर रहें हैं।पत्थर की शिलाको राजस्थान भेजाजा रहा है।इसके बाद जयपुरमें इन्हें तराशनेके बाद फिरइन्हें मीरजापुर लाया जारहा है। इननक्काशीदार पत्थरों को पीलरमें लगाया जारहा है जोबहुत ही आकर्षकहैं।

सात रास्तेहैं मंदिर जानेके लिए

-थाना कोतवालीरोड से मंदिरमार्ग, यह मुख्यबाजार भी हैइसे सदर बाजारके नाम सेजाना जाता है।इस सड़क काचौड़ीकरण कर दियागया है। यहांनवरात्र में मैटबिछाई जाएगी।

-न्यू वीआइपी- यह छोटा रास्ताहै मंदिर तकजाने के लिए।इस रास्ते परगुलाबी पत्थरों को बिछादिया गया है।

-पुरानी वीआइपी - इससेज्यादातर वीआइपी ही आतेहैं मंदिर मेंदर्शन-पूजन केलिए, इस रास्तेको रिजर्व रखाजाता है। यहांभी श्रद्धालुओं केलिए गुलाबी पत्थरबिछा दिया गयाहै।

शहर बनारसको इंद्रधनुषी रंगोंसे सजाने कीहै।

-पक्का घाट सेमंदिर - यह गंगाघाटा पर स्नानध्यान करने केबाद आप सीधेमंदिर पहुंच सकतेहैं दर्शन-पूजनकरने। पक्के घाटपर अभी जमीनकच्चा है औरवहां पत्थर काचूरा बिछाया जारहा है।

-जयपुरिया गली- चामुंडाकी तरफ जाताहै और पुरानीवीआइपी रोड परभी मिलता है।यह अभी पुरानेहाल पर हीपड़ा हुआ है।

-पाठक जीकी गली - यहन्यू वीआइपी सेमिलता है जाेमंदिर तक पहुंचताहै। यह भीअपने पुराने हालपर ही है।

-भट्ट जीकी गली - यहफिलहाल बंद करदिया गया है।यदि साफ-सफाईकर दी जाएयह पकरीतर होतेहुए सीधे थानाकोतवाली रोड परपहुंच जाएंगे, उसकेबाद मंदिर पहुंचसकते हैं। सदरबाजार से यहरास्ता जुड़ा हुआ है।

चार रास्तेप्रमुख हैं मंदिरजाने के लिए

थाना कोतवालीरोड, न्यू वीआइपी, पुरानी वीआइपी, पक्का घाटसे मंदिर

दिसंबर 2023 तक कार्यपूर्ण करने कालक्ष्य

वर्तमान में शारदीयनवरात्र को लेकरकाम में थोड़ाधीमा जरूर होगया है लेकिनअब तक जोभी कार्य हुएवह युद्ध स्तरपर किए गए।प्रशासन का दावाहै कि नवरात्रके बाद कामको दोबार धारमिलेगा और कारिडोरको दिसंबर 2023 तकपूर्ण करने कालक्ष्य रहेगा।

विंध्य धाम प्रोजेक्टएक नजर में

-331 करोड़ का योगीसरकार का ड्रीमप्रोजेक्ट विंध्य धाम

-1567 लाख रुपयेपुरानी वीआइपी गली परहो रहे खर्च

-1941 रुपये में बनरहा 50 फीट कापरिक्रमा पथ

-662 लाख रुपयेमें तैयार कीजा रही वीआइपीगली

-902 लाख रुपयेपक्का घाट गलीपर हो रहेखर्च

-235 लाख रुपयेसे कोतवाली रोडका कायाकल्प

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