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कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले बढ़े, केंद्र ने दिए नए निर्देश, राज्यों को लिखा पत्र



भारत में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरियंट का खतराब बढ़ गया है। खतरा इतना बढ़ा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर आगाह किया है। आपको बता दें सिर्फ चौबीस घंटे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।


डेल्टा प्लस वैरिएंट के खतरे से आगाह करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर डेल्टा प्लस वैरिएंट के प्रसार को रोकने के उपायों को बढ़ाने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने राज्‍यों से कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग बढ़ाने के लिए कहा है।


देश में बढ़े डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले


बीते चौबीस घंटे में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 10 और मामले बढ़ गए। अब देश में कोरोना डेल्टा प्लस के पचास मामले सामने आ चुके हैं। अब तक इस वायरस के संक्रमित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने इसे कोरोना वायरस वैरिएंट आफ कंसर्न घोषित कर रखा है। सरकार से मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले 11 राज्यों में पाए गए हैं।


बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित दो मौतें हुई हैं। इनमें से किसी ने भी वैक्सीन नहीं लगवाई थी।


कहां मिल रहे हैं डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले


मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में डेल्टा प्लस के मामले मिल चुके हैं। सरकार के मुताबिक डेल्टा प्लस वैरिएंट का प्रसार स्थानीय स्तर पर हो रहा है।


महाराष्ट्र की स्थिति फिर बिगड़ी


जिस तरह कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में महाराष्ट्र और दिल्ली सरकार की लापरवाहियां देखने को मिली थीं और सबसे ज्यादा मामले भी इन्ही राज्यों से सामने आए ठीक उसी तरह डेल्टा प्लस वैरियंट के मामलों में भी महाराष्ट्र टॉप पर है।


महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरियंट के 20 केस मिले हैं। तमिलनाडु में डेल्टा प्लस के नौ मामले सामने आए हैं जबकि मध्य प्रदेश में सात, केरल में तीन, पंजाब और गुजरात में दो-दो, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू और कर्नाटक में एक-एक मामले सामने आए हैं।


क्यों घातक है डेल्टा प्लस वैरिएंट


डेल्टा प्लस वैरियंट भी डेल्टा वैरिएंट से मिलता जुलता है। चूंकि डेल्टा वैरिएंट आफ कंसर्न है तो डेल्टा प्लस भी उसी श्रेणी में आता है। डेल्टा से ही डेल्टा प्लस बना है। संक्रामकता को लेकर यह ज्यादा खतरनाक नहीं लग रहा, लेकिन एंटीबाडी और प्रतिरक्षा को चकमा दे सकता है।


क्या लखनऊ आ गया डेल्टा प्लस वैरिएंट


नागपुर से लखनऊ आया एक व्यक्ति कोरोना जांच में संक्रमित पाया गया है। इस मरीज के डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने का अंदेशा है। मरीज का सैंपल लेकर जीन सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। ट्रेन से आए इस यात्री की एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट पाजिटिव आई। बाद में आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है। इस जानकारी के बाद ट्रेन में सवार सभी लोगों और खासतौर से जिस बोगी में ये व्यक्ति सवार था उन सभी से जांच का आग्रह किया गया है।


अगर बीते दो-तीन दिन में आपके जानने में भी कोई नागपुर या महाराष्ट्र से आया हो तो उसका टेस्ट अवश्य कराएं और जरा भी संदेह होने पर कोविड हेल्प डेस्क और सरकार तक सूचना पहुंचाएं।


क्या करना है आपको


कोरोना से बचाव ही दरअसल बचाव का सबसे कारगर रास्ता है। इस बीच अगर अब तक आपने वैक्सीन नहीं ली है तो जरुर लीजिए। आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में जिन लोगों की जान गई या जो लोग अस्पताल में भर्ती हुए उनमें करीब 98 फीसदी लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। ये सरकार की तरफ से उपलब्ध जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और खासतौर से लखनऊ के अस्पतालों में भी ज्यादातर ऐसे मरीज ही पहुंचे जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी।


इसके साथ साथ चूंकि अनलॉक होने के बाद काम पर निकलना भी जरुरी है इसलिए हमेशा कोविड गाइडलाइंस का पालन करिए। अगर आपको कहीं पर भी भीड़भाड़ लगे तो बचने की कोशिश करिए। साथ ही इस बात को लेकर सख्त रखिए कि आप के आसपास के लोग भी कोविड गाइडलाइंस का पालन करें फिर चाहें आप दफ्तर में हों, दुकान पर हों या घर पर ही क्यों ना हों।


याद रखिए दो गज दूरी और मॉस्क है जरुरी । साथ ही कोविड गाइडलाइंस का पूर्ण पालन हम सबको सुरक्षा कवच देगा।


टीम स्टेट टुडे



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