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यूपी में कोरोना से स्थिति भयावह, लखनऊ में एक दिन में 4000 से ज्यादा केस



कोरोना की दूसरी लहर से उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। सबसे बुरा हाल प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है। शनिवार को यूपी में कोरोना के 12,787 नए संक्रमित मिले। बीते 24 घंटे में 48 लोगों की मौत हुई है। इसके पहले 9 अप्रैल को 9695, 8 अप्रैल को 8490 नए मामले सामने आए थे। प्रदेश में अब संक्रमितों की संख्या 6,76,739 हो चुकी है।


अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 663991 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 606646 मरीज अब तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। वर्तमान में 48306 एक्टिव मरीजों में से 22914 होम आइसोलेशन में हैं। 835 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अन्य बचे हुए मरीज सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।


लखनऊ में अस्पताल फुल


राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण के बीते सभी रिकार्ड शनिवार को टूट गए हैं। लखनऊ में शनिवार को 4059 नए केस मिले हैं। बीते चौबीस घंटे में 23 लोगों ने दम तोड़ दिया। लखनऊ में अब 16990 एक्टिव केस हैं।


लखनऊ में कोरोना की रफ्तार बीते पांच दिन में एक हजार प्रतिदिन से चार हजार संक्रमित प्रति दिन पहुंची है। इस लिहाज से अगले दो से तीन दिन में ये आंकड़ा अगर रुका नहीं तो कम्युनिटी ट्रांसमिशन के जरिए दस हजार के पार निकल जाएगा। अगर लखऊ के निजी और सरकारों अस्पतालों के सभी बेड जोड़ दिए जाएं तो भी गंभीर रुप से कोरोना ग्रस्त दस हजार से ज्यादा केस किसी हालत में नहीं भर्ती किए जा सकते।


राजधानी के हालात इतने खराब हैं कि अगर सिविल अस्पताल के डाक्टर दीपक जो आईसीयू में इलाज करते-करते पॉजिटिव हुए। उन्हीं से उनके 74 वर्षीय पिता और घर के चार अन्य लोग संक्रमित हो गए वो सिस्टम से हार गए और अपने पिता को नहीं बचा सके।


डॉक्टर दीपक के मुताबिक कोविड कंट्रोल रूम ने बेड तो दूर एंबुलेंस तक नहीं मुहैया कराई। ऐसे में वह अपनी कार से पिता को ऑक्सीजन सपोर्ट पर लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंचे, पर आईसीयू में बेड नहीं मिला। इसके बाद सात अप्रैल को निजी मेडिकल कॉलेज में दोपहर 1:30 बजे बेड मिला। यहां भी व्यवस्था ध्वस्त थी और अंत में वही हुआ जिसका सब को डर था।


सिर्फ इतना ही नहीं प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पताल लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल का प्रभार संभाल रहे डाक्टर राजीव लोचन कोरोना संक्रमित हो गए। हालत ये है कि वो खुद एक प्राइवेट वार्ड में गए और कहीं से मदद ना मिलती देख अपना इलाज करने लगे। जब हालत बिगड़ती चली गई तो तो सारी सिफारिशें लगा दीं और तब जाकर पीजीआई में एडमिट हुए। आपको बता दें कि डाक्टर राजीव लोचन यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रामप्रकाश गुप्ता के बेटे हैं जो 90 के दशक में बीजेपी की सरकार में सूबे की कमान संभाले थे।


अन्य जिलों का हाल


प्रयागराज में 1460 नए केस आए हैं यहां दो लोगों की मौत हो गई है। यहां पर 6902 एक्टिव केस हैं। वाराणसी में 983 और कानपुर नगर में 706 केस आए हैं। कानपुर में छह लोगों की मौत हुई है। इसके पहले शुक्रवार को 9695, आठ अप्रैल को 8490 और 11 सितंबर को 7103 मरीज पाए गए थे। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 6,76,739 हो चुकी है।


टीम स्टेट टुडे


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