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क्या बोलीं सहारनपुर की महापंचायत में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा



कांग्रेस की ओर से सहारनपुर के चिलकाना में किसान महापंचायत बुलाई गई। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांध ने महापंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि पीएम अपनी जुबान के पक्‍के नहीं हैं। पीएम का 56 इंच का सीना खरबपतियों के लिए धड़कता है। कहा कि इस देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला किसान है। किसान का बेटा सीमा पर शहीद होता है, किसान का ही बेटा पीएम की सुरक्षा करता है लेकिन प्रधानमंत्री किसान को नहीं पहचान रहे। वह उनका अपमान कर रहे हैं। कहा कि कोरोना में कहां थे यह खरबपति मित्र जब लोग पैदल घर जा रहे थे। कांग्रेस सरकार आएगी तो यह कृषि कानून रद होगा। आप खड़े होइए, हिम्मत बनाइये, यह अस्तित्व का आंदोलन है और हम आपके साथ हैं। प्र‍ियंका ने कृषि कानूनों को राक्षस रूप बताते हुए कहा कि यह जमाखोरी के दरवाजे खोलेंगे। लगभग शाम पांच बजे प्रियंका वाड्रा सहारनपुर से रवाना हो गईं।


महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि जो 3 कानून हैं वो राक्षस रूपी हैं। पहला कानून जमाखोरी के दरवाजे खोलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जमा खोरी बंद कराई थी। यह नया कानून खरबपतियों को मदद करेगा। आपकी फसल कैसे खरीदी जाए खरबपति तय करेंगे। सरकारी मंडी डम्प हो जाएंगी। जमाखोर प्राइवेट मंडी में सामान डम्प करेंगे। जब चाहेंगे माल निकालेंगे।


प्रियंका ने कहा कि कांट्रेक्ट फार्मिंग में धोखा मिलेगा। कम्पनी मनमाना दाम तय करेगी। सरकारी मंडी बंद होगी। एमएसपी बंद होगी, जमाखोरी बढ़ेगी। किसान की आवाज दबेगी। अरबपतियों की आवाज ही रहेगी। पीएम मोदी ने कहा था कि सत्ता में आते ही 15 हजार करोड़ का गन्ना भुगतान ब्याज समेत होगा। अब तक बकाया भुगतान नहीं हुआ। 2 हवाई जहाज 16 हजार करोड़ में खरीदे गए। पीएम मोदी की जुबान पक्की नहीं है। दिल्ली में संसद भवन के सौन्दर्यीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रखे। लेकिन किसानों को कोई भुगतान नहीं किया। पीएम ने किसानों को धोखा दिया है।


प्रियंका वाड्रा ने कहा कि किसानों की शहादत का अपमान किया। कई प्रतिष्ठान बेच डाले। हम इस आंदोलन में आपके साथ हैं। जाग जाइए जिससे आप उम्मीद रख रहे हैं वो कुछ नहीं करेंगे। वादे खोखले करते हैं। अपने खरबपति मित्रों के लिए सब किया। कोरोनाकाल में कहां थे यह खरबपति मित्र, जब लोग कोरोना में पैदल घर गए तो यह खरबपति मित्र कहां थे। यह अस्तित्व का आंदोलन है, पीछे मत हटिए हम साथ हैं आपके साथ लड़ेंगे। कांग्रेस सरकार आएगी तो यह कानून रद होगा। न्यूनतम मूल्य तय होगा। आपके दिलों के साथ राजनीति नहीं करेंगे।


टीम स्टेट टुडे


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