google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

क्या है शिवलिंग का अहसास कराता "रुद्राक्ष" जहां जा रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी - पूरी जानकारी



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में वाराणसी से सासंद चुने गए। इसके बाद वाराणसी में बदलाव और विकास की जो बयार बही वो अब आंधी बन चुकी है। एक के बाद एक योजनाएं, पुर्ननिर्माण, नवनिर्माण, पुरानी काशी का नया रंग, नए बनारस के लाजवाब पहलू सब कुछ वाराणसी में ऐसे हो रहा है जिससे काशी का सम्मान बढ़े और लोग के दिलों में बना रहे बनारस।


कोरोना महामारी के चलते देव दीपावली से लगभग आठ महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वाराणसी में होंगे। इस बार के दौरे में सबसे विशेष आकर्षण है रुद्राक्ष का उद्घाटन। नाम से ही जाहिर है कि भोलेनाथ की नगरी का रुद्राक्ष वाराणसी में नई ऊर्जा का केंद्र होगा।



आपको बताते हैं कि क्या है रुद्राक्ष और क्या हैं इसकी विशेषताएं


  • रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर है।

  • 12 दिसंबर 2015 को इस कन्वेंशन सेंटर की नींव रखी गई थी।

  • 1200 लोगों के बैठने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाला हॉल है।

  • जरूरत पड़ने पर इस हॉल को दो हिस्सों में बांटा भी जा सकता है।

  • इसमें वियतनाम से आई कुर्सियां लगाई गई हैं और जापान का ऑडियो-वीडियो सिस्टम लगा है।

  • कन्वेंशन सेंटर के बाहरी हिस्से में एल्युमिनियम से बने 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे हैं।

  • दिव्यांगों के लिए कन्वेंशन सेंटर के हॉल के मुख्य द्वारों पर व्हील चेयर की सुविधा है।

  • ब्रेल लिपि में गैलरी, सीढ़ी, लिफ्ट, शौचालय, फूड कोर्ट और हाल की जानकारी है।

  • कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 3 एकड़ यानी 13196 स्क्वायर मीटर जमीन में हुआ है।

  • यह अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर 186 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है।

  • कन्वेंशन सेंटर के बेसमेंट में 120 वाहनों के पार्किंग की सुविधा है।

  • जापानी शैली का गार्डन बनाया गया है और लैंडस्केपिंग की गई है।

  • कन्वेंशन सेंटर में 150 लोगों की क्षमता के 2 मीटिंग हॉल हैं।

  • इसमें एक वीआईपी कक्ष और 4 ग्रीन रूम भी बनाए गए हैं।

  • आग से बचाव के लिए अत्याधुनिक यंत्र लगाए गए हैं जो खुद बचाव करेंगे।

  • स्मोक और हीट डिटेक्टर के साथ ही 12 वॉटर कर्टेन लगे हैं।



रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की नींव 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान रखी थी। जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पहुंचे थे। मोदी-शिंजो ने तब गंगा का दुग्धाभिषेक किया था. जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से 5 वर्षों में 'रुद्राक्ष' का निर्माण पूरा हो गया है।


यह सेंटर शिवलिंग के आकार में निर्मित है। सेंटर के बाहरी हिस्से में 108 सांकेतिक रुद्राक्ष लगे हैं, जो एल्युमिनियम के बने हैं। तीन एकड़ में तैयार कन्वेंशन सेंटर परिसर में जापानी शैली का गार्डन व लैंडस्केपिंग की गई है। पार्किंग सुविधा संग सीसीटीवी कैमरे हैं। सौर ऊर्जा की भी व्यवस्था की गई है।


प्रधानमंत्री भारत और जापान की मित्रता के प्रतीक इस कन्वेंशन सेंटर के लोकार्पण की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाएंगे।



इसके लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली स्थित जापानी दूतावास के अधिकारी मौजूद रहेंगे। जापान के प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश भी इस अवसर पर प्रसारित किया जाएगा।


इस दौरान पूरा रुद्राक्ष परिसर जापानी शैली से सजाया जाएगा। इसमें बांस, कंकड़, लघु बोन्साई पेड़, चटाई, लालटेन, चीनी मिट्टी के बर्तन, चावल का पेपर, पुआल आदि का इस्तेमाल कर क्राफ्ट तैयार किया जाएगा। खास यह कि इसका वीडियो क्लिप बनेगा जिसे पीएमओ के माध्यम से जापान सरकार तक भेजा जाएगा। इसी आधार पर जापानी प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश आएगा जिसकी यहां पर प्रस्तुति होगी।



सेंटर का संचालन स्मार्ट सिटी की देखरेख में होगा। सीपीडब्ल्यूडी और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के बीच हस्तांतरण हो चुका है। सेंटर की ड्राइंग्स, फ्लोर प्लान, मौजूद उपकरणों की सूची, अनुमोदन, परिसर की चाभियों की सूची आदि का विवरण वाराणसी स्मार्ट सिटी को सौंपी गई है।


रुद्राक्ष कन्वेंशन की डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने किया है। निर्माण का काम भी जापान की ही फुजिता कारपोरेशन कंपनी ने किया है। खुद में एक अद्वितीय कन्वेंशन सेंटर है। इसमें जापानी और भारतीय दोनों ही प्रकार की वास्तु शैलियों का संगम दिखता है।


यहां बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट, कांफ्रेंस, नाटक हो सकेंगे और प्रदर्शनियां भी लगेंगी। दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरे परिसर को सुविधाजनक बनाया गया है।



आग से बचने की पूर्ण सुविधा


रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बने कम्पार्टमेंट और वॉटर कर्टेन आग से सुरक्षा प्रदान करेंगे। बिल्डिंग में आग लगने की स्थिति में कार्यक्रम देख रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए इंटरनेशनल फायर स्टैंडर्ड के मानकों से सुसज्जित किया गया है। रुद्राक्ष में 199 स्मोक व 53 हीट डिटेक्टर लगे हैं। जो मेन फायर अलार्म एड्रेसेबल पैनल को सूचना देते हैं।



वियतनाम से मंगाईं कुर्सियां


रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वियतनाम की कुर्सियां लगी हैं। इन्हें जरूरत के अनुसार कुछ आगे पीछे भी कर सकते हैं।


टीम स्टेट टुडे


विज्ञापन

Comments


bottom of page