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स्टेट टुडे टीवी की भाषा और भावना दोनों दुरुस्त हैं रुबीना जी



बीते दिनों दिग्विजय सिंह ने सत्ता मिलने पर जम्मू कश्मीर में धारा 370 बहाल करने पर पाकिस्तानी पत्रकार को अपना बयान दर्ज करवाया। दिग्विजय के बयान से करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची। देश विरोधी ताकतों को बल मिला। नाजुक दौर से गुजरते जम्मू कश्मीर को राष्ट्रविरोधी बयान का बीज मिला।


पूरे देश को दिग्विजय के बयान से दर्द हुआ। एक रात में कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की पीड़ा दिग्विजय के बयान से असहनीय हई। दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह की पत्नी रुबीना शर्मा सिंह स्वयं कश्मीरी पंडित है। अपने जेठ के बयान से उन्हें भी पीड़ा हुई जिस पर उन्होंने ट्वीट किया। इसी ट्वीट को आधार बनाकर स्टेट टुडे ने खबर प्रकाशित की। जिसकी हेडिंग करोड़ों भारतीय जनमानस की भावना के अनुरुप रखी गई।



राष्ट्रविरोधी बयान और भावना रखने वाले के लिए ना घर में जगह होनी चाहिए और ना ही देश में। परंतु अपने देश की सियासत में सब चलता है और छद्म सेक्युलरिज्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को आहत करना एक परिपाटी सी है। इसलिए रुबीना सिंह का ट्वीट सही मायनों में दिग्विजय सिंह के गाल पर एक तमाचा ही है।


लेकिन संस्कारों में बंधी रुबीना सिंह ने स्टेट टुडे की खबर पर तत्काल आपत्ति जताई। हम भी रुबीना सिंह की भावना और संस्कार का सम्मान करते हैं ।


चूंकि विषय राष्ट्र का है इसलिए स्टेट टुडे भी अपनी भावना को विस्तार से स्पष्ट कर रहा है।



दिग्विजय सिंह की बहू रुबीना सिंह ने स्टेट टुडे टीवी की खबर पर भेजा जवाब





उपरोक्त टिप्पणी पर स्टेट टुडे का खुला जवाब -


बहन रुबीना जी,


आपकी प्रतिक्रिया आपके उच्च संस्कारों को परिलक्षित करती है। इसके लिए स्टेट टुडे टीवी आपका सम्मान करता है।


परंतु जिस तरह दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तानी पत्रकार को धारा 370 पर प्रतिक्रिया दी उसके बाद स्टेट टुडे टीवी के शब्द करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को परिलक्षित करते हैं। माध्यम आप बनीं।


यदि आपका ट्वीट राजनीति से प्रेरित था तो कोई बात नहीं लेकिन अगर वो कश्मीरी पंडित होने के कारण आप की स्वस्फूर्त प्रतिक्रिया थी तो स्वागत है आपका अभिनंदन है।


इतिहास साक्षी है वर्तमान राजनीति में भारत विरोधी बयानों की तरह भारतीय राजे-रजवाड़ों ने ना सिर्फ अंग्रेजों, मुगलों एवं अन्य विदेशियों को भारत आने का न्यौता दिया उनसे समझौते किए बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए देश और देश की जनता की बलि चढ़ा दी।



खंड खंड कर दिया अखंड भारत।


कुछ इसी प्रकार का काम दिग्विजय सिंह भी लंबे समय से कर रहे हैं। वर्तमान में धारा 370 पर पाकिस्तनी पत्रकार को जवाब देते हुए तो उन्होंने अपने कार्य की सिर्फ पुनरावृति की है।


चूंकि आप भी राजपरिवार से ताल्लुक रखती हैं इसलिए कश्मीर से एक रात में पंडितों को निकाले जाने पर आप का ठिकाना तो आज भी उच्च कोटि का बना है लेकिन सबके साथ ऐसा नहीं हुआ।


वर्तमान सराकर ने अगर धारा 370 को जम्मू कश्मीर से हटाया है तो शरीर के रोम रोम के साथ इस देश का हर देशभक्त सरकार के साथ है।


ऐसे में दिग्विजय सिंह का बयान प्रत्येक भारतवंशी के ह्रदय में तीर की तरह चुभा है।


सत्ता में आने पर जम्मू कश्मीर में धारा 370 की बहाली पर दिग्विजिय सिंह के बयान पर आपका ट्वीट मर्यादित था लेकिन जनभावना वही थी जो स्टेट टुडे ने शब्दों में लिखा।



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https://www.statetodaytv.com/post/state-today-tv-language-and-sentiment-are-both-right-rubina-ji-digvijay-statement-on-article-370 


ईश्वर ना करे भारतीय परंपरा और संस्कारों में बंधे किसी भी भारतवंशी के परिवार में ऐसी स्थिति आए जहां बड़ों का सम्मान ना हो।


लेकिन अगर कोई सक्षम देश की अखंडता और राष्ट्र भावना के विपरीत जाकर ऐसा बीज बोएगा जिससे भारतवर्ष के अलग अलग हिस्से कश्मीर की उस भयानक काली रात का दंश देखें तो स्टेट टुडे टीवी गर्व से कहता है कि

हम प्राण दे देंगे लेकिन जीते जी ऐसा होने नहीं देंगे।


यदि आपने भी राजघरानों की पुरातन शैली के अनुरुप राजनीति के हर कोने को साधे रखने के लिए अपनी भावना ट्वीट कर प्रकट की थी तो इसे भी स्पष्ट करिए।


अन्यथा जिस प्रकार के बयान पूर्व में और वर्तमान में दिग्विजय सिंह देते आए हैं और भविष्य में उनसे कोई दूसरी उम्मीद नहीं है उस पर खुल कर उनका साथ दीजिए।


इस देश ने दिग्विजय सिंह से ही सीखा है प्रपंची बयानों को “भाषा गलत और भावना सही” के बंधन में बांधना।


स्टेट टुडे टीवी गर्व से कहता है कि राष्ट्रविरोधी तत्वों और बयानवीरों के लिए हमारी भाषा और भावना दोनों ही सही हैं।


भारत माता की जय।



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