सत्संग से विचार पवित्र होते हैं और सेवा से कर्म उज्ज्वल बनते हैं : Devendra Mohan Bhaiya Ji
- statetodaytv

- Jul 5
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05 जुलाई 2026 : परम श्रद्धेय स्वामी दिव्यानंद जी महाराज की असीम कृपा से उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम पूज्य देवेंद्र मोहन भैयाजी महाराज की पावन उपस्थिति में भव्य सत्संग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वामी दिव्यानंद आश्रम ( स्वामी दिव्यानंद धर्मार्थ चिकित्सालय ) विक्रम नगर, लखनऊ में संपन्न हुआ।
इसके साथ ही रजनी केयर फाउंडेशन द्वारा एक स्वस्थ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित हुआ जिसमें yakult विशेषज्ञ प्रियम जी के द्वारा पेट से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई जिससे लोगों का स्वास्थ्य लाभ मिले।
इस अवसर पर दिव्यानंद योग साधना समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 2000 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। बाराबंकी, बरेली, पीलीभीत, कानपुर एवं लखनऊ सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सत्संग के दौरान परम पूज्य भैयाजी महाराज ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग से मन को शांति प्राप्त होती है तथा मानव सेवा से जीवन में सच्चा आनंद मिलता है। प्रेम, करुणा और सेवा को उन्होंने मानव जीवन का मूल आधार बताया।

उन्होंने अपने संदेश में कहा—
जहाँ प्रेम और करुणा का प्रकाश होता है, वहीं सच्ची मानवता का मार्ग प्रशस्त होता है।
सत्संग से विचार पवित्र होते हैं और सेवा से कर्म उज्ज्वल बनते हैं।
दूसरों की सहायता में जो आनंद प्राप्त होता है, वही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।
उन्होंने यह भी कहा कि जानबूझकर किसी को कष्ट पहुँचाना ही पाप है, जबकि अज्ञानवश किए गए कार्य को दोषपूर्ण नहीं माना जाता। सच्ची भक्ति वही है जिसमें व्यक्ति अपना सर्वस्व गुरु को समर्पित कर निर्भय होकर जीवन जीता है। गुरु पर पूर्ण विश्वास रखने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः आने लगते हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया तथा विवाह में जल्दबाजी से बचने और बेटियों एवं बेटों को योग्य बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने सत्संग, सेवा एवं गुरु-स्मरण को जीवन को सफल बनाने का सर्वोत्तम मार्ग बताया।
सत्संग के उपरांत विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्री सतवंत सिंह, बृजेश, राजीव मिश्रा, नागेन्द्र और लखनऊ की समस्त साध संगत ने विशेष सेवा देने सहित अन्य सहयोगी सेवादार भाइयों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि:
प्रेम शंकर, श्याम बिहारी, मोहन स्वरूप, संजीव और संजय श्रीवास्तव जी मौजूद रहे
यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सेवा भावना एवं सामाजिक एकता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।




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