कोरोना से ज्यादा खतरनाक है चुनाव जीत कर ऐसे जश्न मनाने वाले सामाजिक वायरस, मूकदर्शक बना रहा प्रशासन



उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के आदेशों की धज्जियां उड़ गईं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे आए, प्रत्याशी जीते और फिर जो हुआ वो कोरोना के संक्रमण से ज्यादा खतरनाक है। प्रत्याशी को जीत मिलते ही नानपारा बाजार में सड़क पर जीत के जश्न का भारी जुलूस निकाला गया।


जीतने वाले के समर्थक ढोल, नगाड़ा, बैंडबाजा, और घोड़े लेकर सड़क पर आ गए।


कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ गईं। कोरोना महामारी अधिनियम को ताख पर रख नानपारा इलाके में जश्न का लंबा काफिला निकला।



आप के बता दें कि नतीजों से पहले ही मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का फरमान था कि कोई भी प्रत्याशी विजयी जुलूस नहीं निकालेगा। मतगणना स्थल के पास ना तो भीड़ जमा होगी और ना ही जश्न का जुलूस निकाला जाएगा। बावजूद इसके जिला प्रशासन आदेशों को अमल में लाने में नाकाम साबित हुआ।


कुछ ऐसा नजारा बहराइच के नेपाल सीमा से सटे इलाके रुपईडीहा में भी देखने को मिला। यहां मालगोदाम रोड पर जीत के जश्न का रेला निकल पड़ा।


केवलपुर ग्राम सभा के प्रधान की जीत पर भारी संख्या में समर्थकों के साथ जश्न का जुलूस निकाला गया। अपने हज़ारो समर्थकों के साथ जीतने वाले प्रधान जुलूस लेकर निकल पड़े।



जामा मस्जिद के पास प्रधान समेत समर्थकों ने कोविड गाइडलाइंस की जमकर उड़ाई धज्जियां। देखो देखो कौन आया.. शेर आया, शेर आया" कि नारेबाजी के साथ ताली बजाकर हजारों समर्थकों ने जुलूस निकाला।

हैरानी की बात ये है कि इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी खामोश खड़ी रही।


सीमावर्ती पीजी कॉलेज में ब्लाक नबाबगंज की 70 गांव सभाओं में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना हुई। केवलपुर गांव सभा के प्रधान प्रत्याशी हाजी अब्दुल कलीम ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी शाहीन को लगभग साढ़े तीन सौ वोटो से पराजित किया। इसके बाद प्रधान हाजी अब्दुल कलीम ने अपने हज़ारो समर्थकों के साथ माल गोदाम रोड से बड़ी रैली निकाली। जामा मस्जिद के पास प्रधान और इनके समर्थकों ने कोविड गाइड लाइन की खूब धज्जियां उड़ाई। इनके समर्थकों ने मस्जिद ग्राउंड पर देखो देखो शेर आया कि नारेबाजी की। स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही।


एक तरफ जहां कोविड19 को लेकर चुनाव आयोग व योगी सरकार ने कई आदेश दिए थे। मगर जीत के जश्न में ये लोग कोविड के नियमो को दर किनार कर दिया गया।


सरकार ने यह भी कहा था कि अगर कोई रैली निकालेगा तो उसके विरुद एफआईआर दर्ज होगी मगर रुपईडीहा में जिस प्रकार से सरकार के आदेशों की अनदेखी की गई इससे साफ जाहिर है कि सरकार के आदेशों का इन पर कोई असर नही पड़ता।


लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से प्रधान हाजी अब्दुल ने कोविड 19 के नियमों को ताख पर रख कर रैली का आयोजन किया है। उससे इलाके में कोरोना के मरीजो की संख्या बेहद बढ़ेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठता है।


टीम स्टेट टुडे


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