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अब तक यूपी में किसी सत्ताधारी दल ऐसी रणनीति से चुनाव नहीं लड़ा जैसा बीजेपी करने जा रही है



उत्तर प्रदेश सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि भारतीय राजनीति के कई उत्तर अपने भीतर समेटे है।


सामने 2022 का विधानसभा चुनाव है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिस जगह पर जाकर खड़ी हुई उसे बरकरार रखना ना सिर्फ उसके लिए वर्तमान चुनौती है बल्कि वहां से आगे बढ़ने पर ही प्रदेश और देश की भविष्य की राजनीति तय होगी।


संयम और अनुशासन में बंधी पार्टी के दिग्गजों ने जिस तरह पार्टी के भीतर और बाहर चल रहे उतार-चढ़ाव को संजीदगी से लिए उससे ये तो तय हो गया कि पार्टी 2022 के लिए सिर्फ जीत गी लक्ष्य है।


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति का वर्चुअल उद्घाटन किया। पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं बलबूते ‘मिशन-2022’ फतह करने का मंत्र दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धातों पर चलने वाली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनके अंत्योदय सिद्धांत को आधार बताते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की बयार पहुंचाने के साथ ही कहा कि अगर योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिला तो आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।


नड्डा ने यूपी के सांस्कृतिक व राजनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते सात वर्षों में देश में विकास की अलख जगी है। आगे भी इसे बरकार रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।



यूपी है लिडिंग स्टेट ऑफ कंट्री


बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्ग दर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यूपी विकास के एक्सप्रेस-वे पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। चार साल पहले तक उप्र में जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति के साथ ही जातिवाद भाई-भतीजावाद, अत्याचार और अनाचार का बोलबाला था। बीजेपी जब सत्ता में आई तो उत्तर प्रदेश लीडिंग स्टेट ऑफ़ कंट्री बन गया । पीएम मोदी द्वारा वाराणसी में सीएम योगी के कामों की तारीफ का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी के अस्पतालों में बड़े पैमाने पर आक्सीजन प्लांट लग रहे हैं। उन्होंने सांसदों, विधायकों व पार्टी पदाधिकारियों से भी प्लांट लगाने की व्यवस्था की निगरानी करने को कहा।


बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि पहला मौका है जब प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यकर्ताओं को यह समझना और जनता को भी समझाना होगा कि यूपी किस तरह से तुष्टिकरण की राजनीति जाल में फंसा हुआ था।



कौन कौन रहा मौजूद


इस मौके पर दिल्ली से नड्डा के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, स्मृति ईरानी और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह भी जुड़े थे। प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डा.दिनेश शर्मा, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल मौजूद थे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर ने किया।


जनता की सरकार – सरकार जनता के द्वार


बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति समझाते हुए कहा कि सरकार और जनता के बीच संगठन को सेतु बनकर काम करने की रणनीति पर चलना होगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वामित्व योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्ट्रीट वेंडरों के लिए आर्थिक मदद की योजना की उपलब्धियों को तथ्यों सहित बताकर कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि इन योजनाओं का लाभ जनता को बताएं और आखिरी व्यक्ति को दिलाएं। उन्होंने हर व्यक्ति का टीकाकरण कराने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को दी है।



किसान हुए खुशहाल


भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के हित की बात करने वाले कई नेता हुए और अपने को किसान नेता होने का दंभ भी भरते थे। लेकिन असली किसानों के कल्याण के लिए सही मायनों में पहली बार भाजपा सरकार ने जमीन पर उतकर काम किया है।


फास्ट ट्रैक पर यूपी


नड्डा ने योगी सरकार द्वारा बजट का आकार बढ़ाने को एक साहसी कदम बताते हुए कहा है कि ऐसा करके योगी ने प्रदेश के विकास को गति दी है। 2014 में यूपी का बजट 2 लाख करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह 2014 में वाणिज्य कर की वसूसी लगभग 12000 करोड़ रुपये थी जो आज बढ़ कर लगभग 49000 करोड़ रुपये हो गई है। भाजपा सरकार आने से पहले देश के जीडीपी में यूपी का योगदान 10.90 लाख करोड़ रुपये का हुआ करता था जो आज बढ़ कर 21.73 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस में यूपी दूसरे स्थान पर आ गया है। 2014-15 में यूपी की प्रति व्यक्ति आय 47,116 रुपये थी जो आज बढ़ कर 94,495 रुपये हो गई है।



क्या कहा प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल ने


प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने बताया कि आगामी दिनों में जिला और मंडल स्तर पर कार्यसमिति बैठकें होंगी। कोरोना की तीसरी लहर की चुनौती को देखते हुए स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे, जो गांव, वार्ड और मोहल्लों में जाकर जनता की सहायता करेंगे। हर गांव और वार्ड में एक युवा तथा एक महिला कार्यकर्ता को स्वास्थ्य स्वयंसेवक बनाया जाएगा। यह प्रक्रिया 20 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। बंसल ने बताया कि 23, 24 व 25 जुलाई को पार्टी प्रदेश भर में विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगी, जिसमें सेवादाता जैसे दूध, सब्जी, फल, राशन विक्रेता, टैक्सी, ठेला चालक, रेहड़ी, पटरी, दुकानदार आदि को टीकाकरण के लिए जागरूक भी करेंगे। पंजीकरण कराने में सहायता की जाएगी।


ना मंत्री, ना विधायक, ना सांसद सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता


संगठन के ढांचे को और मजबूत करने की रणनीति भी भाजपा ने बनाई है। प्रदेश महामंत्री संगठन ने बताया कि प्रदेश के सभी सेक्टरों पर शक्ति केंद्र प्रमुख और संयोजक, मंडल अध्यक्ष, प्रभारी और महामंत्रियों के साथ बैठकें करेंगे। बूथ समिति सत्यापन अभियान के तहत 16 अगस्त से 15 सितंबर तक प्रत्येक बूथ समिति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। पार्टी के मंडल से लेकर प्रदेश पदाधिकारी और प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, आयोगों, निगमों, बोर्डों के अध्यक्ष व सदस्य, नगर निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य सभी 27262 शक्ति केंद्रों के सभी बूथों पर पहुंचकर बूथ समिति का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके अलावा 825 ब्लाकों में 26 से 31 जुलाई तक पार्टी के चुने हुए प्रधान व बीडीसी सदस्यों का ब्लाक स्तर पर अभिनंदन किया जाएगा। आगामी दिनों में लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों के सम्मान की योजना भी है।



क्या कहा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने


प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य ने प्रस्तुत किया, जिसका समर्थन प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह व प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने किया। प्रस्ताव पर चर्चा कर सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी के कायाकल्प के जिक्र के साथ ही कहा गया कि कभी प्रदेश सपा, बसपा व कांग्रेस की सरकारों के कारण अराजकता, जंगलराज, गुंडाराज, विपन्नता से जूझ रहा था, जबकि आज सर्वोत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। प्रस्ताव में राम मंदिर निर्माण, कोविड प्रबंधन के साथ ही विपक्ष की नकारात्मक भूमिका और योगी सरकार की कानून व्यवस्था को रखा गया। इसमें कहा गया कि पूर्व की प्रदेश सरकारों में कानून व्यवस्था ध्वस्त रही है। विपक्षी सपा, बसपा व कांग्रेस द्वारा आतंकवादी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके कारण सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था के क्षेत्र में मील का पत्थर स्थापित किया है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति व अपराध पर अंकुश लगाने में सरकार कामयाब रही है।



क्या बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब कोरोना आया था तब हमारे पास टेस्टिंग क्षमता नहीं थी। आज हमारे पास चार लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता है। आज उत्तर प्रदेश 6 करोड़ कोविड टेस्ट करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बनाई रणनीति ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट पर काम करके ही हमने कोरोना जैसी महामारी को काबू करने में सफलता पाई है। साथ ही हमारी निगरानी समितियां भी लगातार कोविड लक्षण वाले लोगों की जांच से लेकर इलाज तक की व्यवस्था कर रही थी। उन्होंने कहा कि कोरोना का असर कम नहीं हुआ है। हमें लापरवाह नहीं होना है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करना है। जीवन भी बचाना है और जीविका को भी बचाना है।



कैसे अलग है रणनीति


2007 से उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का क्रम शुरु हुआ। पहले बहुजन समाज पार्टी, 2012 में समाजवादी पार्टी और 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने अपना झंडा बुलंद किया। सपा और बसपा अपनी सरकार की वापसी नहीं करा पाईं। इस बीच 2014 का लोकसभा चुनाव भी हुआ जिसमें सत्ताधारी सपा समेत विपक्षियों का सूपड़ा साफ हो गया।



ऐसे में बीजेपी के पास खोने के लिए पूरी सरकार है लेकिन अगर भितरघात को रोककर सत्ता वापसी के लक्ष्य को पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पकड़े रखा तो भारतीय जनता पार्टी सूबे में इतिहास रच देगी। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी का शासन लंबे समय तक चला है। मध्यप्रदेश और गुजरात इसके उदाहरण हैं। ऐसे में चुनाव दर चुनाव जीतना वर्तमान बीजेपी की अगर परंपरा का हिस्सा बना है तो यूपी उसके लिए सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है।


टीम स्टेट टुडे


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