एक ज़िलाधिकारी जिसकी विदाई पर उमड़ पड़ा पूरा शहर, फूलों की हुई बरसात – जानिए क्यों हुआ ऐसा




यूं तो नेताओं को जमीन से जुड़ा रहना चाहिए लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी अपनी नजर में उनका कद आसमान से ऊंचा हो जाता है। जनता त्राहि त्राहि करती है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। उस पर तुर्रा ये कि अगर नेता मुस्लिम समाज से है तो सिर्फ अपने धर्म और कौम के नाम पर देशभक्त मुस्लिमों को नीचा दिखाते हुए आम मुसलमानों को धर्मांधता की बूटी सुंघाकर चुनाव दर चुनाव जीतता है। खुद तुष्टीकरण की जमकर राजनीति करता है और विरोधियों को या तो कौम का दुश्मन बताता है या सांप्रदायिक कहते हुए वोट हासिल करता है। मुस्लिम समाज को भी क्या कहा जाए जो किसी भी सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद मदरसों-मस्जिदों से आगे बढ़कर मुख्य धारा में शामिल ही नहीं होता। इसी का फायदा उठाते हैं आजम खान जैसे नेता। जो भारत माता को डायन कह कर भी देश का नमक खाते हैं और ऐसे व्यक्ति पर लानत भेजने के बजाय मुस्लिम उसे वोट देकर अपना नेता कहते हैं।



खैर, वक्त बदलता है। आजम खान का भी बदला है। आज उम्र भर के कारनामों की सजा कालकोठरी में मिल रही है। बीबी बच्चों समेत आजम खान जेल की चक्की पीस रहा है। गुनाहे-अज़ीम किया आज़म खान ने और सफेद लिबास से ढक लिया था खुद को। अब दुनिया के सामने हकीकत बेपर्दा है।


आजम खान जैसे गुनहगार को उसकी असली जगह तक पहुंचाना उसे सजा दिलाना इतना आसान नहीं था। बेखौफ नेतृत्व की अगुवाई में कोई कर्तव्यपरायण अधिकारी ही ऐसे काम को अंजाम तक पहुंचा सकता था।



आजम खान को उसकी असली जगह पहुंचाने में सत्ता शासन की इच्छाशक्ति जितनी जरुरी थी उतना ही आवश्यक प्रशासन का बिना कोताही ऐक्शन लेना भी था। इस काम को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से किया रामपुर के जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने।


सांसद आजम खां के ख‍िलाफ कार्रवाई करने वाले जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह को शासन ने कमिश्नर मुरादाबाद बना दिया है। उनकी व‍िदाई धूमधाम से हुई। दूल्‍हे की तरह उन्‍हें बुग्‍गी में बैठाया गया। इस दौरान बैंडबाजे भी बजते रहे। इसके बाद उन्‍हें खुली जीप में बैठाकर शहर में घुमाया गया। जगह-जगह लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की। पदोन्नति के साथ उनके तबादले पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है।



उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी हर कोई उनसे मिलने पहुंचे। जिलाधिकारी को ना सिर्फ खुली जीप में बैठाकर शहर में घुमाया गया बल्कि जगह-जगह उन पर फूलों की बारिश की गई।


इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से उनके सम्मान में होटल रेडिएंस पार्क में कार्यक्रम हुआ।


जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रामपुर की जनता, समाजसेवियों, उद्योगपतियों एवं सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने बहुत सहयोग किया। मैं सभी का आभारी हूं। मुझे कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक आदेशों का पालन करने के लिए कुछ कठोर निर्णय भी लेने पड़े। लेकिन, सभी के सहयोग से मैं कार्य कर सका। उन्होंने कोरोना काल में सभी जिले के नागरिकों , उद्योगपतियों द्वारा दिए गए सहयोग का आभार जताया। वादा किया कि कमिश्नर के पद पर रहते हुए भी रामपुर का ख्याल रखेंगे। यहां के लोगों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।



कलक्ट्रेट में कर्मचारियों और रंगोली मंडप में व्यापारियों ने शानदार विदाई समारोह आयोजित किया।

इसमें कोई दोराय नहीं कि अधिकारी बहुत से योग्य लोग बनते हैं लेकिन आन्जनेय कुमार सिंह जैसा विलक्षण व्यक्तित्व सबमें नहीं होता। रामपुर को कोहरामपुर से वापस रामपुर बनाने वाले ऐसे अधिकारी प्रदेश की शान और सर्वकालिक मिसाल हैं।


टीम स्टेट टुडे


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